अवैध कब्जेदारों तथा भूमफ़ियाओं की अब खैर नहीं,जाँच हेतु विशेष जाँच दल गठित

अवैध कब्जेदारों तथा भूमफ़ियाओं की अब खैर नहीं,जाँच हेतु विशेष जाँच दल गठित

महेंद्र राज  ( मण्डल प्रभारी )

गंगा कटरी के गांवों की सरकारी व निजी जमीन में हेराफेरी कर अवैध कब्जा करने वालों की अब खैर नहीं।बढ़ते हुए भूमि संबंधी अवैध कब्जों से आजिज आ चुके प्रशासनिक अमले ने मंडलायुक्त की अध्यक्षता में जिलाधिकारी कानपुर नगर व उन्नाव की सदस्यता वाली टीम के निर्देशन में अतिरिक्त उप जिलाधिकारी विवेक को सहायक रिकार्ड अधिकारी के रूप में सर्वे अफसर बना कर टीम बनाने के लिए काम शुरू कर दिया।

बताते चलें कि लक्ष्मी खेड़ा, शंकरपुर,लोधवा खेड़ा तथा धरमपुर गॉंव की लगभग 1600 हेक्टेयर जमीन पर कई स्थानों पर बिना नक्से व मानक के भवनों का भी निर्माण हुआ है।राजस्व परिषद के निर्देशानुसार जाँच हेतु उप जिलाधिकारी सदर के नेतृत्व मे विशेष जाँच दल का भी गठन किया गया था।
 
बीते दिन जिलाधिकारी ने उनसे प्रगति जानी।पूर्व में भूमि के सर्वे के लिए उप जिलाधिकारी सदर के नेतृत्व मे टीम बनाने पर सहमति बनी थी,लेकिन अब अतिरिक्त उप जिलाधिकारी को इसकी बागडोर सौंपी गई है।

जिलाधिकारी ने बताया कि गंगा कटरी के गांवों की जमीनों के सर्वे के लिए शासन से संयुक्त टीम बनाई गयी है।अतिरिक्त उप जिलाधिकारी को सर्वे अफसर नामित किया गया है।जमीनों का सर्वे कराकर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।नव गठित टीम में छह लेखपाल,दो कानूनगो,एक नायब तहसीलदार समेत अन्य कर्मियों की तैनाती की जाऐगी।उप जिलाधिकारी सदर व तहसीलदार भी मदद करेंगे।लेखपालों द्वारा सरकारी व निजी भूमि जमीन को चिह्नित करने के बाद जोत के आकार के हिसाब से पुरानी खतौनी देखने के बाद ब्यौरा दर्ज किया जाऐगा।सभी के पृथक नंबरों के साथ क्षेत्रफल निर्धारित किया जाएगा।इससे फर्जी खाता बनवाकर जमीन पर कब्जा करने वालों को चिह्नित करने में आसानी रहेगी।पूरी प्रक्रिया हेतु निर्धारित समय सीमा को आवश्यकतानुसार बढ़ाया जा सकता है।अभी यह समयावधि तीन माह निर्धारित की गई है।विवाद या संशय की स्थिति में एआरओ कोर्ट में दस्तावेज देख कर सुनवाई कर निर्णय लिया जाएगा।