गुर्दा प्रत्यारोपण देकर भाईचारे की मिसाल पेश की

गुर्दा देने वालों में एक महिला भी शामिल

गुर्दा प्रत्यारोपण देकर भाईचारे की मिसाल पेश की

मेरठ। मेरठ के न्यूटिमा हॉस्पिटल में दो व्यक्तियों ने गुर्दा प्रत्यारोपण कर भाईचारे की मिसाल को पेश किया है। गुर्दा देने वालों में एक महिला भी शामिल है।
 न्यूटिमा हॉस्पिटल के गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ संदीप गर्ग, डॉ शालीन शर्मा एवं डॉ शरत चन्द्र गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वैप विधि से गाजियाबाद निवासी अफसर अली व मोदीनगर निवासी अंकुर मेहरा को अमरोहा निवासी अकबर अली व अनीता मेहरा ने एक दूसरे से अलग परिवार होने के बाद भी गुर्दा दान कर हिन्दू -मुस्लिम भाईचारे की एक सुंदर मिसाल पेश की है। दोनो परिवारों ने सामाजिक सौहार्द को लेकर अति प्रशंसनीय कार्य किया है। उन्होंने बताया अभी तक 250 मरीजों को गुर्दा प्रदान कर उन्हें नयी जिदंगी प्रदान की गयी है।

 रेनल
ट्रांसप्लांट क्या होता है

 जब किसी मरीज के गुर्दे पूर्ण रूप से काम करना बंद कर देते है तो मरीज के पास केवल  दो विकल्प शेष बचते है पहला गुर्दा रोग विशेषज्ञ नुसार मरीज लगातार डायलिसिस कराए दूसरा वह गुर्दा प्रत्यारोपण करा कर सामान्य जीवन व्यतीत करे। इसे रेनल ट्रांसप्लांट विधि कहते है।
 क्यो जरूरी है
 रेनल ट्रांसप्लांट के लिये डोनर होना जरूरी है। डोनर का ब्लड ग्रुप आमतौर पर रिसीवर से मैच होना चाहिए। यदि दोनों डोनर और रिसीवर  को ब्लड ग्रुप मैच नहीं करता है तो इस परिस्थिति में मरीज का स्वैप ट्रांसप्लांट या एबी ट्रांसप्लांट कर सकते है।
 स्वैप ट्रांसप्लांट क्या है
 स्वैप ट्रांसप्लांट में आमतौर पर दो परिवारों के बीच अंगों को आदान प्रदान होता है जो ब्लड ग्रुप मैच होने के कारण अपने ही परिवार के किसी सदस्य को अंगदान नहीं कर सकते।ऐसे में दो या चार मरीजों के परिवारों को बुलाकर नियमानुसार पारिवारिक सदस्यों की आपसी सहमति से एक परिवार दूसरे परिवार को और दूसरा परिवार पहले परिवार को गुर्दा दान कर देता है। गुर्दा प्रत्यारोपण में सात लाख रुपये का खर्च आता है। विशेष परिस्थितियों में अनुमानित खर्च बढ़ भी सकता है। इसे पश्चात प्रति माह पांच से सात हजार रुपये का खर्च आता है।