बिजली विभाग के निजीकरण की नीति का विरोध, पदोन्नति , पैंशन तथा सभी ऊर्जा निगमों के एकीकरण की मांग, किया प्रदर्शन दिया धरना

बिजली विभाग के निजीकरण की नीति का विरोध, पदोन्नति , पैंशन तथा सभी ऊर्जा निगमों के एकीकरण की मांग, किया प्रदर्शन दिया धरना

संवाददाता आशीष चंद्रमौली व नीतीश कौशिक

बडौत ,बागपत|सरकार की निजीकरण की नीतियों के विरोध में ऊर्जा निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मंगलवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर पूर्ण कार्य बहिष्कार किया और कार्यालय बंद कर दिए। उधर बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से बिजली घरों पर विद्युत कार्य को लेकर पहुंचे उपभोक्ताओं को मायूस होकर लौटना पड़ा। वहीं कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए एसई कार्यालय बागपत पर पहुंचकर धरना दिया ।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारी व अधिकारी जिलाध्यक्ष मनोहर सिंह तोमर के नेतृत्व में पहले दिल्ली रोड स्थित 220 केवीए बिजलीघर पर एकत्रित हुए और विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी व प्रदर्शन करते हुए धरने में शामिल होने के लिए एसई कार्यालय बागपत के लिए रवाना हो गए। प्रदर्शनकारियों ने बिजली कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन प्रणाली लागू करने, निजीकरण की सभी प्रक्रिया निरस्त करने और ग्रेटर नोएडा का निजीकरण तथा आगरा का फ्रेंचाइजी करार रद्द करने, केरल के केएसईबी लिमिटेड की तर्ज पर प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों का एकीकरण कर यूपीएसईबी का गठन करने और संविदाकर्मियों को नियमित करने की मांग की।


आंदोलित कर्मचारियों व अधिकारियों ने वेतन संबंधी विसंगतियों का निस्तारण कर संवर्गों को तीन पदोन्नति , समयबद्ध वेतनमान दिए जाने की मांग उठाई। इस मौके पर विद्युत मजदूर पंचायत के जिलाध्यक्ष मनोहर सिंह तोमर, एक्सईएन प्रथम दुर्गेश जायसवाल, एक्सईएन द्वितीय राजेश कुमार, सुनील तोमर, एसडीओ अमित कुमार, एसडीओ अमित सैनी, प्रमोद मलिक, एसडीओ प्रभात कुमार, जेई रविन्द्र कुमार, नरेन्द्र प्रताप, कपिल, जेई विकास कुमार, पवन कुमार, गुलशन कुमार, राकेश ढाका, पुष्पेंद्र भारदाज, प्रदीप गुप्ता, आरिफ चौहान, नरेंद्र, राजेश कुमार, गणेश, विकास कुमार आदि शामिल रहे।